दोस्त, अगर कभी आपने बैंक से लोन लेने की कोशिश की है या क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई किया है, तो CIBIL SCORE नाम जरूर सुना होगा। बैंक और फाइनेंस कंपनियां लोन देने से पहले आपकी इस रिपोर्ट को सबसे पहले देखती हैं। लेकिन बहुत से लोग सिर्फ नंबर देखकर रह जाते हैं और असल में इसका मतलब नहीं समझते। आज हम इसे एकदम आसान भाषा में समझेंगे, ताकि अगली बार आपको बैंक की टेबल पर कन्फ्यूजन न हो।
CIBIL SCORE होता क्या है?
सीधे शब्दों में कहु तो CIBIL SCORE एक 3 अंकों का नंबर है जो यह बताता है कि आपने अपने पुराने लोन और क्रेडिट कार्ड के भुगतान कितने जिम्मेदारी से किए हैं। यह स्कोर 300 से 900 के बीच होता है।
- 750+ = बढ़िया स्कोर माना जाता है , लोन जल्दी और अच्छे ब्याज दर पर मिलता हैं।
- 650-750 = ठीक-ठाक माना जाता है, लेकिन लोन की शर्तें थोड़ी सख्त हो सकती हैं।
- 650 से कम = लोन पाना मुश्किल होता है और अगर लोन मिलता भी है तो बहुत अधिक ब्याज दर पर।
यह स्कोर कैसे बनता है?
आपका CIBIL Score कई चीज़ों पर निर्भर करता है –
- पेमेंट हिस्ट्री (35%) यह इस बात को बताता है कि आपके द्वारा EMI और क्रेडिट कार्ड बिल समय पर चुकाए या नहीं।
- क्रेडिट उपयोग अनुपात (30%) मतलब आपको जो लिमिट मिली है उसके मुकाबले आप कितना खर्च कर रहे हैं।
- क्रेडिट हिस्ट्री की उम्र (15%) मतलब आप कबसे क्रेडिट facility का उपयोग कर रहे है।
- क्रेडिट मिक्स (10%) आपके पास कितने प्रकार के लोन हैं (होम, पर्सनल, ऑटो आदि)।
- नए क्रेडिट इनक्वायरी (10%) – आपके द्वारा हाल ही में कितनी बार लोन के लिए अप्लाई किया।
खराब CIBIL स्कोर क्यों बनता है?
अगर आपने EMI या क्रेडिट कार्ड की पेमेंट टाइम पर नहीं की, या आपने लोन की पेमेंट मिस कर दी, तो आपकी रिपोर्ट में ये रिकॉर्ड हो जाता है। इससे स्कोर गिर जाता है। बैंक आपके क्रेडिट हिस्ट्री को देखकर फैसला करता है कि आपको लोन देना है या नहीं।
क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल में ये 5 गलती कभी ना करें
सामान्यतः यह देखा गया है की क्रेडिट कार्ड का गलत इस्तेमाल हमारे CIBIL SCORE को बहुत अधिक प्रभावित करता है इसीलिए क्रेडिट कार्ड सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो यह क्रेडिट स्कोर के लिए फायदेमंद है, नीचे कुछ गलतियां बताई जा रही है जो बहुत महंगी पड़ सकती हैं:-
- मिनिमम पेमेंट भरना – इससे ब्याज का बोझ बढ़ता है।
- लिमिट का पूरा इस्तेमाल करना – कोशिश करे कि लिमिट का 30% से ज्यादा यूज़ न करें।
- कैश विदड्रॉल लेना – यह बहुत अधिक किया जाता है इसमें तुरंत ब्याज लगना शुरू हो जाता है।
- लेट पेमेंट करना – इससे स्कोर और पेनल्टी दोनों खराब करते हैं।
- बार-बार नए कार्ड के लिए अप्लाई करना – इससे हार्ड इनक्वायरी बढ़ती है।
CIBIL Score और Credit Report में फर्क
- CIBIL Score = सिर्फ एक नंबर
- Credit Report = आपकी पूरी क्रेडिट हिस्ट्री, जिसमें EMI तारीखें, बकाया रकम और आपके सभी लोन की जानकारी होती है।
इसे आप ऐसे समझ सकते है – क्रेडिट रिपोर्ट एक पूरी फिल्म है, जबकि क्रेडिट स्कोर उसका ट्रेलर मात्र।
CIBIL Score जल्दी कैसे बढ़ाएं?
अगर आपका स्कोर कम है, तो घबराएं नहीं। यहाँ आपको छोटे-छोटे उपाय बताये जा रहे है अगर आप इसे फॉलो करते है तो यह आपका CIBIL Score बढ़ाने में मदद करेंगे –
- EMI और क्रेडिट कार्ड का बिल हमेशा समय पर चुकाएं।
- क्रेडिट कार्ड लिमिट का 30% से ज्यादा इस्तेमाल न करें।
- पुराने कार्ड बंद न करें, क्योंकि पुरानी हिस्ट्री आपके स्कोर को मजबूत करती है।
- बार-बार लोन के लिए अप्लाई न करें।
- अपनी रिपोर्ट में गलती दिखे तो तुरंत सुधार के लिए CIBIL को लिखें।
लगातार 6-8 महीने अच्छे भुगतान से स्कोर तेजी से सुधर सकता है।
फ्री में CIBIL Score कैसे चेक करें?
TransUnion CIBIL की वेबसाइट https://www.transunioncibil.com/का उपयोग करके आप अपना CIBIL SCORE चेक कर सकते है
नोट – अपना स्कोर खुद चेक करने से स्कोर कम नहीं होता (इसे Soft Inquiry कहते हैं)।
NA और NH का मतलब
- NA (Not Applicable) – आपके नाम पर कोई क्रेडिट हिस्ट्री नहीं।
- NH (No History) – आपने कभी लोन या क्रेडिट कार्ड लिया ही नहीं।
लोन के लिए कितना स्कोर चाहिए?
अधिकांश बैंक 750+ स्कोर को अच्छा मानते हैं। कुछ NBFC 650 स्कोर पर भी लोन दे सकते हैं, लेकिन ब्याज दर अधिक होगी।
कम सिविल स्कोर होने पर लोन कैसे लें?
कम सिविल स्कोर होने पर लोन मिलना थोड़ा मुश्किल जरूर है, लेकिन नामुमकिन नहीं। अगर आपका स्कोर 650 से नीचे है, तो बैंक आपको लोन देने से हिचकिचा सकते हैं। ऐसे में ये तरीके अपनाएं:
- सिक्योर्ड लोन लें – जैसे गोल्ड लोन, FD के खिलाफ लोन, प्रॉपर्टी लोन।
- को-अप्लिकेंट या गारंटर जोड़ें – किसी अच्छे क्रेडिट स्कोर वाले व्यक्ति को साथ लें।
- NBFC और फिनटेक ऐप्स ट्राई करें – ये थोड़े कम स्कोर पर भी लोन देते हैं, लेकिन ब्याज दर ज्यादा हो सकती है।
- छोटा पर्सनल लोन लेकर समय पर चुकाएं – इससे स्कोर भी सुधरेगा और बैंक पर भरोसा भी बढ़ेगा।
FAQ
Q1: क्या स्कोर चेक करने से स्कोर कम होता है?
नहीं, खुद चेक करने से स्कोर पर असर नहीं पड़ता।
Q2: स्कोर कितने समय में सुधर सकता है?
लगातार 6-8 महीने अच्छे भुगतान से स्कोर सुधर सकता है।
Q3: क्या बिना हिस्ट्री के लोन मिल सकता है?
हाँ, लेकिन शर्तें कड़ी और ब्याज दर अधिक होगी।
Q4: क्या हर महीने स्कोर चेक करना जरूरी है?
जरूरी नहीं, लेकिन 3 महीने में एक बार चेक करना अच्छा है।
Q5. सेक्योर्ड क्रेडिट कार्ड क्या होता है?
यह वो क्रेडिट कार्ड होता है जो आपके FD की सुरक्षा पर दिया जाता है, जिससे बैंक का रिस्क कम हो जाता है।
Q3. अगर मैंने EMI मिस कर दी तो क्या होगा?
EMI मिस करने पर आपकी रिपोर्ट में रिकॉर्ड बनता है, जिससे आपका स्कोर गिर सकता है।
Q4. क्या मैं किसी और का गारंटर बन सकता हूं?
हाँ, पर ध्यान रखें कि अगर वो व्यक्ति डिफॉल्ट करता है तो आपकी स्कोर पर भी असर पड़ेगा।
पढ़ें https://dailydosenews18.com/cibil-score-kya-hai/
डिस्क्लेमर:
यह आर्टिकल केवल शैक्षिक और जानकारी देने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी को निवेश सलाह न माना जाए। किसी भी तरह का निवेश करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइज़र या एक्सपर्ट से सलाह ज़रूर लें।