ONLINE GAMING BILL 2025: क्या ड्रीम 11, रमी, पोकर जैसे ऐप्स बंद होंगे??

ONLINE GAMING BILL 2025: आपने टीवी और मोबाइल पर विज्ञापन तो ज़रूर देखे होंगे – “टीम बनाओ और करोड़पति बन जाओ”। इन लाइनों ने कुछ लोगों को अमीर बनाया, लेकिन लाखों लोग कर्ज़ में भी फंस गए।भारत में पिछले कुछ सालों में फैंटेसी गेमिंग और ऑनलाइन बेटिंग का क्रेज़ बहुत बढ़ा है। ड्रीम 11, रमी, पोकर, एमपीएल जैसे ऐप्स करोड़ों युवाओं को अपनी ओर खींच रहे थे। लेकिन अब सरकार ने इस पर सख्त कदम उठाने का फैसला किया है।

ऐप्स जहां पहले सिर्फ गेम खेलने और मज़े के लिए बने थे, वहीं अब लोग इन्हें पैसे कमाने का जरिया समझने लगे हैं। यही वजह है कि सरकार मानती है कि यह गेम्स अब जुए की शक्ल ले चुके हैं।19 अगस्त 2025 को मोदी कैबिनेट ने “द प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025” को मंजूरी दे दी।

आइए जानते हैं इस बिल के बारे में विस्तार से।

 

भारत में फैंटेसी गेमिंग की शुरुआत

  • 2001 में ESPN-Star Sports ने भारत में पहली बार ऑनलाइन फैंटेसी गेमिंग शुरू की, लेकिन सफल नहीं हुआ।
  • 2008 में IPL के साथ ही Dream 11 लॉन्च हुआ।
  • 4G इंटरनेट आने के बाद Dream 11 देश का सबसे बड़ा फैंटेसी ऐप बन गया।

तेजी से बढ़ता ऑनलाइन गेमिंग मार्केट

  • 2022 में मार्केट वैल्यू – ₹21,000 करोड़
  • 2025 तक अनुमानित वैल्यू – ₹70,000 करोड़ से भी ज्यादा
  • भारत में ऑनलाइन गेमर्स – 44 करोड़+
  • Dream 11 पर डेली एक्टिव यूज़र्स – 6 करोड़+

ऑनलाइन गेमिंग का अंधेरा पहलू

जहां Dream 11 और MPL जैसे ऐप्स कानूनी थे, वहीं कई अवैध बेटिंग ऐप्स भी आए।

  • Mahadev Betting App, Dani Data App जैसे प्लेटफॉर्म विदेश से चलाए जा रहे थे।
  • इनके जरिए सट्टेबाजी, मनी लॉन्ड्रिंग और टैक्स चोरी हो रही थी।
  • सरकार ने 2022–2025 के बीच ऐसे 10,000 से ज्यादा ऐप्स और वेबसाइट्स ब्लॉक किए। 

ONLINE GAMING BILL 2025 – मुख्य नियम

  1. कोई भी कंपनी भारत में ऑनलाइन बेटिंग या दांव वाला गेम नहीं चला पाएगी।
  2. नियम तोड़ने पर 3 साल जेल और ₹1 करोड़ जुर्माना।
  3. ऐप्स का प्रचार करने वाले इन्फ्लुएंसर्स/सेलिब्रिटीज़ पर भी कार्रवाई – 2 साल जेल और ₹50 लाख जुर्माना।
  4. बैंक और फाइनेंस कंपनियां ऐसे ऐप्स से लेन-देन नहीं करेंगी।

ONLINE GAMING BILL 2025 लाने का कारण ?

  • लोगों का बढ़ता कर्ज़: बहुत से लोग उधार लेकर भी गेम खेल रहे हैं।
  • पैसे का नुकसान: कुछ लोग हर दिन हज़ारों रुपये हार जाते हैं।
  • परिवार पर असर: आर्थिक दबाव से घर की स्थिति बिगड़ जाती है।
  • मनी लॉन्ड्रिंग और टैक्स चोरी को रोकना।
  • राष्ट्रीय सुरक्षा और टेरर फंडिंग की आशंका खत्म करना।

इसीलिए सरकार ने तय किया है कि अब ऐसे गेम्स पर सख्ती ज़रूरी है।

ONLINE GAMING BILL 2025 पास होने पर क्या बदलेगा?

अगर यह बिल पास हो गया तो कई बड़ी बातें बदल सकती हैं:

  1. वॉलेट बैलेंस फंस सकता है – जो पैसा आपके ऐप वॉलेट में पड़ा है, उसे निकालना मुश्किल हो जाएगा।
  2. ऐप का इस्तेमाल अपराध होगा – ऐसे ऐप्स पर खेलना या प्रमोशन करना गैरकानूनी हो जाएगा।
  3. कड़ी सज़ा का प्रावधान – प्रमोशन करने वालों पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना और 5 साल तक की जेल तक की सज़ा हो सकती है। 

यूज़र्स के लिए सबसे ज़रूरी सलाह

दोस्तों, अगर आप Dream 11 या किसी भी फैंटेसी ऐप पर खेलते हैं, तो सबसे पहले अपना वॉलेट बैलेंस बैंक अकाउंट में निकाल लें।

  • ज़्यादा पैसा वॉलेट में बिलकुल न छोड़ें।
  • चाहे टैक्स कटे या थोड़ी डिडक्शन हो जाए, पैसा बैंक में होगा तो सुरक्षित रहेगा।
  • आने वाले मैच के लिए जितना ज़रूरी है उतना ही वॉलेट में रखें। 

क्यों ज़रूरी है अभी विदड्रॉ करना?

सोचिए, अगर आपके वॉलेट में 25,000 रुपये पड़े हैं और अचानक सरकार ऐप्स को बंद कर दे तो क्या होगा?कई खिलाड़ियों के लाखों रुपये फंसे रह सकते हैं। ऐसे हालात में सबसे अच्छा कदम यही है कि आज ही विदड्रॉ कर लें।

बैन से होने वाला बड़ा असर

यह सिर्फ खिलाड़ियों तक ही सीमित मामला नहीं है। इसके गहरे असर होंगे:

  • रोज़गार पर असर: इस इंडस्ट्री में काम करने वाले करीब 4 लाख लोग बेरोज़गार हो सकते हैं।
  • सरकारी कमाई पर असर: सरकार को हर साल करीब 20,000 करोड़ रुपये जीएसटी रेवेन्यू मिलता है, जो बंद हो जाएगा।
  • इंडस्ट्री का नुकसान: ऑनलाइन गेमिंग का पूरा इकोसिस्टम हिल सकता है। 

आगे का रास्ता क्या हो सकता है?

अभी साफ नहीं है कि सरकार इस बिल को किस तरह लागू करेगी।

  • हो सकता है कि कुछ ऐप्स पूरी तरह बैन हो जाएं।
  • या फिर बड़ी कंपनियाँ नए नियम और शर्तों के साथ काम करना जारी रखें। 

लेकिन जब तक स्थिति पूरी तरह साफ नहीं होती, आपका पहला कदम यही होना चाहिए कि आप अपने पैसों को सुरक्षित रखें।

क्या सारे गेमिंग ऐप्स बैन होंगे?

नहीं। सरकार ने साफ किया है कि –

  • E-Sports और एजुकेशनल/एंटरटेनमेंट गेम्स को बढ़ावा दिया जाएगा।
  • सिर्फ वही ऐप्स बैन होंगे जिनमें पैसों का लेन-देन और सट्टा शामिल होगा। 

निष्कर्ष

दोस्तों, ऑनलाइन गेमिंग ने भारत में युवाओं को नया मौका दिया लेकिन इसके साथ लत और कर्ज़ जैसी समस्याएं भी बढ़ीं। अब सरकार का नया कानून तय करेगा कि आने वाले समय में भारत का गेमिंग इंडस्ट्री किस दिशा में जाएगी।

FAQs: ONLINE GAMING BILL 2025

Q1. क्या Dream 11 और My11Circle पूरी तरह बैन हो जाएंगे?
संभावना है कि बिल पास होते ही इन ऐप्स पर रोक लग जाएगी।

Q2. क्या सभी गेमिंग ऐप्स बंद हो जाएंगे?
 नहीं, सिर्फ रियल मनी और बेटिंग वाले गेम्स बंद होंगे।

Q3. इस कानून को तोड़ने पर क्या सज़ा है?
 3 साल तक की जेल और ₹1 करोड़ तक का जुर्माना।

Q4. क्या सरकार अभी भी गेमिंग इंडस्ट्री को सपोर्ट करेगी?
 हां, E-Sports और Entertainment Gaming को सरकार बढ़ावा देगी।

Q5. अगर ऐप्स बैन हो गए तो वॉलेट का पैसा मिलेगा?
इसकी कोई गारंटी नहीं है। इसलिए अभी पैसा निकालना ही सही है।

Q6. क्या सिर्फ खेलना बैन होगा या प्रमोशन भी?
दोनों बैन होंगे। प्रमोशन पर भी भारी जुर्माना और जेल की सज़ा हो सकती है।

Q7. सरकार को कितना नुकसान होगा?
जीएसटी रेवेन्यू में हर साल लगभग 20,000 करोड़ रुपये का घाटा होगा।

Q8. खिलाड़ियों को अभी क्या करना चाहिए?
बिना देर किए वॉलेट से बैलेंस निकालकर बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर लें।

डिस्क्लेमर:
यह आर्टिकल केवल शैक्षिक और जानकारी देने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी को निवेश सलाह न माना जाए। किसी भी तरह का निवेश करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइज़र या एक्सपर्ट से सलाह ज़रूर लें।

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