पिंडदान, तर्पण और ब्राह्मण भोज का महत्व: धार्मिक, पौराणिक और सामाजिक दृष्टि से पितृपक्ष की संपूर्ण गाइड

पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता की परंपरा भारतीय संस्कृति का आधार ही कृतज्ञता और परंपरा है। शास्त्रों में कहा गया है कि हर मनुष्य तीन ऋण लेकर जन्म लेता है – देव ऋण – प्रकृति और देवताओं का ऋण। ऋषि ऋण – ज्ञान और संस्कार देने वाले ऋषियों का ऋण। पितृ ऋण – हमारे पूर्वजों का … Read more