पिछले कुछ सालों में UPI (Unified Payments Interface) ने पैसों का लेन-देन बेहद आसान बना दिया है। अब आपको बैंक की लंबी लाइनों में खड़े रहने की जरूरत नहीं, बस मोबाइल ऐप खोलिए और कुछ ही सेकंड में पेमेंट कर दीजिए। लेकिन, जितनी तेजी से यह तकनीक लोकप्रिय हुई है, उतनी ही तेजी से UPI Fraud के मामले भी सामने आ रहे हैं।
आज फ्रॉड करने वाले इतने चालाक हो चुके हैं कि वे झट से किसी को भी फंसा सकते हैं। SMS, व्हाट्सऐप, नकली कॉल, फेक QR कोड – इन सबके जरिए वे लोगों से बैंक डिटेल्स और UPI PIN हासिल कर लेते हैं। अगर आपको उनकी चालें पहले से पता हों, तो आप आसानी से इनसे बच सकते हैं।
UPI के स्मार्ट टिप्स https://dailydosenews18.com/upi-ke-smart-tips/
UPI Fraud क्या है और यह कैसे होता है?
UPI Fraud का मतलब है – ऐसे तरीके, जिनसे धोखेबाज़ आपके बैंक अकाउंट से बिना आपकी अनुमति के पैसे निकाल लें। इसके लिए वे आपको झांसा देकर आपका PIN, OTP या अकाउंट डिटेल्स ले लेते हैं।
UPI Fraud करने के सबसे आम हथकंडे
- फेक पेमेंट रिक्वेस्ट – आपको एक नोटिफिकेशन मिलता है जिसमें लिखा होता है कि आपको पैसे मिलेंगे। लेकिन जैसे ही आप Accept दबाते हैं, आपके अकाउंट से पैसे कट जाते हैं।
- फिशिंग लिंक – SMS या ईमेल में नकली लिंक भेजकर आपकी लॉगिन डिटेल्स चुरा लेना।
- नकली कस्टमर केयर कॉल – खुद को बैंक का कर्मचारी बताकर PIN और OTP मांगना।
- QR कोड स्कैम – नकली QR कोड स्कैन करवाकर अकाउंट से पैसे निकाल लेना।
- स्क्रीन शेयरिंग ऐप – AnyDesk जैसे ऐप इंस्टॉल करवाकर आपके मोबाइल की स्क्रीन देखना और ट्रांजैक्शन करना।
UPI सिक्योरिटी टिप्स – फ्रॉड से बचने के 10 ज़रूरी तरीके
नीचे दिए गए 10 टिप्स आपकी ऑनलाइन सुरक्षा को मजबूत बनाएंगे।
- UPI PIN किसी के साथ शेयर न करें –आपका UPI PIN उतना ही प्राइवेट है जितना आपके ATM का पिन। बैंक, NPCI या कोई भी आधिकारिक संस्था कभी भी फोन, ईमेल या मैसेज पर पिन नहीं मांगती। अगर कोई पिन मांग रहा है, तो 100% धोखा है। याद रखें पिन सिर्फ पेमेंट भेजते समय लगता है, पैसे आने पर नहीं।
- पेमेंट रिक्वेस्ट स्वीकार करने से पहले जांचें- कई फ्रॉडस्टर्स “पेमेंट रिक्वेस्ट” भेजकर आपके अकाउंट से पैसे निकाल लेते हैं। किसी भी अनजान या कम भरोसेमंद व्यक्ति की रिक्वेस्ट स्वीकार न करें। भरोसेमंद लोगों से भी पहले कॉल या मैसेज कर कन्फर्म करें।
- QR कोड स्कैन करने से आपके अकाउंट में सीधे ट्रांजैक्शन हो सकता है। अगर कोई कहे कि “बस स्कैन करो और पैसे आ जाएंगे”, तो ये झूठ है। पैसे आने के लिए स्कैन नहीं, भेजने के लिए स्कैन करना पड़ता है।
- संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें – फ्रॉडस्टर्स अक्सर बैंक जैसा दिखने वाला नकली SMS या ईमेल भेजते हैं, जिसमें लिंक होता है। क्लिक करते ही आपकी डिवाइस पर मैलवेयर इंस्टॉल हो सकता है या आपकी बैंक डिटेल चोरी हो सकती है। हमेशा लिंक खोलने से पहले आधिकारिक ऐप या वेबसाइट का इस्तेमाल करें
- कस्टमर केयर नंबर सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट से लें- गूगल पर सर्च करने से नकली कस्टमर केयर नंबर मिल सकते हैं। ये ठग आपको झूठे वेरिफिकेशन के नाम पर फंसा सकते हैं। बैंक/NPCI की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप से नंबर लें।
- पब्लिक वाई-फाई पर पेमेंट न करे- पब्लिक वाई-फाई (जैसे रेलवे स्टेशन, कैफ़े, मॉल) हैकर्स के लिए ओपन गेटवे जैसा है। यहां डेटा आसानी से चोरी हो सकता है।अगर जरूरी हो तो मोबाइल डेटा का इस्तेमाल करें।
- ट्रांजैक्शन अलर्ट ऑन रखें- बैंक मैसेज और ईमेल अलर्ट चालू रखें, ताकि आपके अकाउंट से पैसे कटने पर तुरंत पता चल जाए। इससे किसी भी गड़बड़ी पर फौरन एक्शन लिया जा सकता है।
- सिर्फ आधिकारिक ऐप स्टोर से ऐप डाउनलोड करें – थर्ड पार्टी वेबसाइट या अनऑफिशियल ऐप स्टोर से पेमेंट ऐप डाउनलोड करना बेहद खतरनाक है। इनमें वायरस या डेटा-चोरी करने वाला कोड हो सकता है। Google Play Store या Apple App Store से ही ऐप लें।
- मोबाइल को पासवर्ड या फिंगरप्रिंट से लॉक करें- अगर आपका फोन खो जाता है और लॉक नहीं है, तो कोई भी आपके बैंक ऐप खोल सकता है। पासवर्ड, पिन, पैटर्न या फिंगरप्रिंट से लॉक लगाना जरूरी है।
- फ्रॉड का शक होते ही तुरंत रिपोर्ट करें- अगर किसी भी तरह का धोखा हो या शक हो, तो तुरंत बैंक को कॉल करें और UPI हेल्पलाइन 1930 पर रिपोर्ट करें। जितना जल्दी आप रिपोर्ट करेंगे, उतने ज्यादा चांस हैं कि आपके पैसे रिकवर हो जाएं।
अगर UPIFraud हो जाए तो तुरंत क्या करें?
- बैंक से तुरंत संपर्क करके अकाउंट और UPI सर्विस ब्लॉक कराएं।
- अपने मोबाइल के UPI ऐप में ट्रांजैक्शन ब्लॉक करें।
- साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
- पुलिस में FIR करवाएं और केस नंबर नोट कर लें।
RBI और NPCI की सुरक्षा पहल
RBI और NPCI लगातार UPI यूज़र्स को सुरक्षित रखने के लिए नए कदम उठा रहे हैं, जैसे –
- Confirm Before Pay फीचर
- डेली ट्रांजैक्शन लिमिट
- हाई-वैल्यू पेमेंट पर अतिरिक्त OTP वेरिफिकेशन
छोटी-छोटी सावधानियां, बड़ा फर्क
- अनजान कॉल उठाने से पहले सोचें।
- सोशल मीडिया पर बैंक डिटेल न डालें।
- पेमेंट करते समय रिसीवर का नाम और रकम चेक करें।
FAQs – UPI फ्रॉड से जुड़े आम सवाल
Q1. क्या UPI PIN शेयर करने से फ्रॉड हो सकता है?
हाँ, PIN मिलने पर स्कैमर तुरंत आपके अकाउंट से पैसे निकाल सकते हैं।
Q2. क्या बैंक कभी PIN या OTP मांगते हैं?
नहीं, कोई भी बैंक या NPCI ऐसा नहीं करता।
Q3. फ्रॉड की शिकायत कहाँ करें?
1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
Q4. क्या QR कोड स्कैन करने से पैसे कट सकते हैं?
हाँ, अगर QR को पेमेंट रिक्वेस्ट मोड में सेट किया गया हो।
Q5. पब्लिक वाई-फाई पर पेमेंट करना सुरक्षित है?
नहीं, यह हैकिंग का आसान रास्ता है।
निष्कर्ष:
UPI पेमेंट ने हमारी जिंदगी को आसान बना दिया है, लेकिन इसके साथ सावधानी रखना भी जरूरी है। अगर आप ऊपर बताए गए सुझावों का पालन करेंगे, तो आप डिजिटल पेमेंट का मजा बिना किसी डर के उठा सकते हैं और UPI फ्रॉड से बच सकते हैं।
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डिस्क्लेमर:
यह आर्टिकल केवल शैक्षिक और जानकारी देने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी को निवेश सलाह न माना जाए। किसी भी तरह का निवेश करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइज़र या एक्सपर्ट से सलाह ज़रूर लें।