UPI अपडेट: अगस्त 2025 से आए 5 नए नियम

UPI आज रोज़मर्रा की ज़िंदगी का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुका है। दुकान से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग तक, हर जगह जब भी पेमेंट की बात आती है तो UPI  सहज, तेज़, और भरोसेमंद तरीके से काम करता है। डिजिटल ट्रांज़ैक्शन का ये सिस्टम पूरे विश्व  में फैला हुआ है लेकिन जैसे-जैसे अब UPI का इस्तेमाल बढ़  रहा है, सिस्टम पर दबाव भी बढ़ रहा है

यही वजह है कि NPCI (National Payments Corporation of India) ने अगस्त 2025 से UPI में कुछ नए नियम लागू किए हैं। इनका मकसद है UPI को और अधिक सुरक्षित, स्थिर और स्मूद बनाना। आइए सरल भाषा में समझते हैं ये पांच नए बदलाव और इसका असर आपके डिजिटल लेन-देन पर।

फेल ट्रांज़ैक्शन स्टेटस केवल 3 बार चेक करें

जब कभी पेमेंट फेल हो जाता है, तो हम बार-बार मोबाइल पर “यह गया या नहीं” देखना शुरू कर देते हैं। इससे सर्वर पर ज़रूरत से ज़्यादा लोड बनता है।
अब नया नियम यह है: एक दिन में सिर्फ 3 बार ही फेल ट्रांज़ैक्शन का स्टेटस चेक किया जा सकता हैआप कई बार चेक करने की बजाय थोड़ी देर इंतज़ार करें—अधिकतर लेन-देन अपने आप रिवर्स हो जाते हैं।

रिवर्सल रिक्वेस्ट की सीमा तय की गई

गलती से कुछ पैसे गलत यूपीआई आईडी या अकाउंट में चले गए, तब आप रिवर्सल की मांग कर सकते हैं। लेकिन कुछ लोगों ने इसका दुरुपयोग शुरू कर दिया था। इसके लिए NPCI को इसे लेकर नियम बनाने पड़े  नए नियम के अनुसार :

  • एक महीने में अधिकतम 10 रिवर्सल रिक्वेस्ट कर सकते हैं।
  • किसी एक अकाउंट के लिए इससे ज़्यादा नहीं—अधिकतम 5 बार

यह बदलाव आपको सावधान रहने की सीख देता है—बिना जांच के लेन-देन न करें।

ऑटो-पेमेंट का समय निर्धारित

AutoPay सुविधा से बिल, EMI, सब्सक्रिप्शन सब समय पर कट जाता है—बिना एडजस्टमेंट के। लेकिन जब यह पीक टाइम में चलता है, तो सर्वर हैंग होने लगता था। इस समस्या को देखते हुए अब NPCI ने एक निश्चित समय सीमा (time slot) तय कर दी है:

  • दोपहर 1:00 बजे से शाम 5:00 बजे के बीच
  • रात 9:30 बजे से सुबह 10:00 बजे के बीच

पहले स्लॉट (सुबह 10 से दोपहर 1) और दूसरे स्लॉट (शाम 5 से रात 9:30) को पीक टाइम माना गया है, जहां मैनुअल यूपीआई ट्रांजैक्शन सबसे ज्यादा होते हैं। इस समय ऑटो-पे नहीं होगा, ताकि यूजर्स के जरूरी पेमेंट बाधित न हों।

बैंक बैलेंस चेकिंग की लिमिट

UPI के माध्यम से बैंक बैलेंस चेक करना एकदम आसान है — एक क्लिक और आपके खाते की जानकारी आपके सामने। लेकिन कुछ व्यापारी और मर्चेंट दिन भर में बार-बार बैलेंस चेक करते हैं, खासकर जब वे छोटे-छोटे पेमेंट लगातार प्राप्त कर रहे होते हैं। नई गाइडलाइन के मुताबिक:

  • एक दिन में अधिकतम 50 बार ही बैंक बैलेंस चेक किया जा सकेगा।

आम यूजर के लिए 50 बार की सीमा काफी है, लेकिन उन व्यापारियों के लिए यह नियम महत्वपूर्ण है जो लगभग हर ट्रांजैक्शन के बाद बैलेंस देखना पसंद करते हैं। इससे सर्वर का बोझ कम होगा और सभी को सेवाओं का समान लाभ मिलेगा

बैंक अकाउंट जोड़ने/बदलने में नई सीमा

UPI में हम एक से अधिक बैंक अकाउंट लिंक कर सकते हैं, कभी-कभी अकाउंट बदलते भी रहते हैं। लेकिन कुछ लोग इसे बार-बार बदलते/ऐड करते हैं, जिससे सिस्टम को अतिरिक्त रिक्वेस्ट प्रोसेस करनी पड़ती है। इसे नियंत्रित करने के लिए अब नया नियम है:

  • एक दिन में अधिकतम 25 बार ही आप बैंक अकाउंट बदल या नया जोड़ सकेंगे।

आम यूजर के लिए यह कोई बड़ी पाबंदी नहीं है, क्योंकि ज्यादातर लोग महीनों तक अपना अकाउंट सेटअप नहीं बदलते।

इन बदलावों के पीछे का कारण

इन पांचों नियमों का मकसद सिर्फ एक है — UPI को तेज़, स्थिर और भरोसेमंद रखना। हर दिन लाखों-करोड़ों ट्रांजैक्शन होने से सर्वर पर भारी दबाव पड़ता है, जिससे सिस्टम स्लो या अस्थायी रूप से डाउन हो सकता है।नई सीमाएं लगाने से:

  • सर्वर पर अनावश्यक रिक्वेस्ट का लोड घटेगा।
  • असली, ज़रूरी ट्रांजैक्शन तुरंत और बिना परेशानी के हो पाएंगे।
  • धोखाधड़ी और फीचर के दुरुपयोग की संभावना कम होगी।

ये नियम शुरू-शुरू में थोड़े मुश्किल लग सकते हैं, लेकिन समय के साथ इनके फायदे स्पष्ट हो जाएंगे।

आपके लिए क्या बदलने वाला है?

अगर आप एक सामान्य UPI यूजर हैं, तो यह बदलाव आपको खास दिक्कत नहीं देंगे, लेकिन:

  • आपको बैलेंस चेक और ट्रांजैक्शन स्टेटस देखने की आदत में संयम लाना होगा।
  • पेमेंट करने से पहले डिटेल्स ध्यान से जांचना जरूरी होगा।
  • ऑटो-पे फीचर वाले बिल या सब्सक्रिप्शन को ध्यान में रखकर समय स्लॉट के अनुसार भुगतान प्लान करें।

निष्कर्ष

UPI आपके जिंदगी का अहम हिस्सा हो चला है—और यह नया नियम सही दिशा में बदलाव लाने की दिशा में कदम है। यह शुरुआत सुनने में कड़ी लग सकती है, लेकिन समय के साथ आपको समझ आएगा कि ये बदलाव उपयोगकर्ता अनुभव को सुधारने का एक ज़रूरी हिस्सा थे।अब जब भी UPI से पेमेंट करें, ये नियम आपके फायदेमंद साबित होंगे—सरलऔर स्मूथ लेन-देन के लिए।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी देने के उद्देश्य से लिखा गया है। कृपया किसी भी वित्तीय लेन-देन से पहले आधिकारिक बैंक दिशा-निर्देश और NPCI की वेबसाइट या ऐप पर उपलब्ध जानकारी अवश्य देखें। लेखक इसमें दी गई जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए जिम्मेदार नहीं होगा।

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डिस्क्लेमर:
यह आर्टिकल केवल शैक्षिक और जानकारी देने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी को निवेश सलाह न माना जाए। किसी भी तरह का निवेश करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइज़र या एक्सपर्ट से सलाह ज़रूर लें।

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